डॉ. APJ Abdul Kalam
मिसाइल मैन ऑफ़ इंडिया
वो वैज्ञानिक जिसने गरीबी को हराकर भारत को आसमान तक पहुँचाया
🌟 कौन थे APJ Abdul Kalam?
अगर कोई पूछे कि एक मछुआरे के घर में जन्मा बच्चा क्या बन सकता है? तो जवाब होगा – भारत का राष्ट्रपति, दुनिया का जाना-माना वैज्ञानिक और करोड़ों लोगों का प्रेरणा स्रोत। यही कहानी है डॉ. APJ Abdul Kalam की।
तमिलनाडु के छोटे से कस्बे रामेश्वरम में, जहाँ आज भी लोग मछली पकड़कर अपना गुज़ारा करते हैं – वहाँ 1931 में एक बच्चे ने जन्म लिया जिसने आगे चलकर भारत को अंतरिक्ष में ले जाने के सपने देखे और वो सपने पूरे भी किए।
डॉ. कलाम को सारी दुनिया "मिसाइल मैन ऑफ इंडिया" के नाम से जानती है। उन्होंने भारत के लिए अग्नि और पृथ्वी जैसी शक्तिशाली मिसाइलें बनाईं। 2002 में वो भारत के 11वें राष्ट्रपति बने। उनका पूरा जीवन यही सिखाता है कि सपने देखो, मेहनत करो और कभी हार मत मानो।
🏘️ बचपन और परिवार
रामेश्वरम एक छोटा सा द्वीप है, जहाँ तीन तरफ समुद्र है। यहाँ कलाम का जन्म एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ। उनके पिता जैनुलाब्दीन नाव चलाते थे और हिंदू तीर्थयात्रियों को रामेश्वरम मंदिर ले जाते थे। उनकी माँ आशियम्मा एक धर्मपरायण महिला थीं।
कलाम 5 भाई-बहन थे। घर में ज़्यादा पैसे नहीं थे, इसलिए बचपन में ही उन्होंने पैसे कमाने शुरू किए। वो सुबह 4 बजे उठकर अखबार बेचते थे ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च उठा सकें। लेकिन गरीबी उनके हौसले को नहीं तोड़ सकी।
हमारे गाँव के पास जो मस्जिद थी, वहाँ से पहाड़ी मंदिर तक, सब मिलकर रहते थे। मैंने बचपन से देखा था कि धर्म अलग होने से इंसान छोटा-बड़ा नहीं होता।
उनके स्कूल के शिक्षक श्री सुब्रह्मण्य अय्यर ने बचपन में उनमें जिज्ञासा और आत्मविश्वास भरा। यही नींव आगे चलकर एक महान वैज्ञानिक बनाने में काम आई।
📚 पढ़ाई और संघर्ष
कलाम ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रामेश्वरम के स्कूल में की। फिर श्वार्ट्ज हायर सेकंडरी स्कूल, रामनाथपुरम में पढ़े। आगे उन्होंने Saint Joseph's College, Tiruchirappalli से Physics में graduation किया।
उनका सपना था – Air Force पायलट बनना। लेकिन वो सिलेक्शन में 1 जगह से चूक गए – 8 लोग चाहिए थे और वो 9वें नंबर पर आए। यह झटका बड़ा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
इसके बाद उन्होंने Madras Institute of Technology (MIT) से Aerospace Engineering पढ़ी। यहाँ उनकी ज़िंदगी बदली। उनके प्रोफेसर ने उन्हें एक aircraft design project दिया, जो समय पर पूरा न होने पर scholarship cancel हो सकती थी। कलाम ने 3 दिन रात जागकर काम किया और project पूरा किया।
🚀 वैज्ञानिक सफर – ISRO से मिसाइल मैन तक
- 1958 DRDO में नौकरी शुरू – Defence Research and Development Organisation में Scientist के तौर पर काम शुरू किया।
- 1963 ISRO में आए – भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में काम शुरू किया। यहाँ उन्होंने SLV-3 Rocket Project की अगुवाई की।
- 1980 SLV-3 की सफलता – रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा। भारत ने अपना पहला satellite सफलता से launch किया।
- 1981 पद्म भूषण मिला। देश ने उनके काम को पहचाना।
- 1990 IGMDP – Integrated Guided Missile Development Programme – अग्नि, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल और नाग मिसाइलें बनाईं। भारत की रक्षा शक्ति को एकदम नया आयाम मिला।
- 1990 पद्म विभूषण – देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया।
- 1997 भारत रत्न – देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी।
- 1998 Pokhran-II परमाणु परीक्षण – वो इस ऐतिहासिक परीक्षण के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार थे। भारत दुनिया की परमाणु शक्तियों में शामिल हो गया।
- 2002 राष्ट्रपति चुने गए – NDA और Congress दोनों ने उनका समर्थन किया। वो 11वें राष्ट्रपति बने।
- 2007 राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त – वो teaching और बच्चों को inspire करने में लग गए।
- 2015 27 जुलाई – IIM Shillong में भाषण देते-देते निधन। अंतिम क्षण तक वो नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे थे।
सपने वो होते हैं जो सोने नहीं देते।"
🏛️ राष्ट्रपति के रूप में (2002–2007)
जब कलाम राष्ट्रपति बने, तो सारे देश ने खुशी मनाई। वो सबसे अलग राष्ट्रपति थे – न कोई राजनीतिक पार्टी का साथ, न कोई खास गुट। वो सिर्फ भारत के थे।
राष्ट्रपति भवन में रहते हुए भी वो बच्चों से मिलते रहे। उन्होंने 18,000 से ज़्यादा बच्चों को राष्ट्रपति भवन बुलाया और उनसे बातें कीं। उनका मानना था कि बच्चे ही देश का असली भविष्य हैं।
उन्होंने "Vision 2020" की बात की – यह उनका सपना था कि 2020 तक भारत एक developed nation बन जाए। इसीलिए उनकी किताब का नाम भी "India 2020: A Vision for the New Millennium" रखा।
वो "People's President" कहलाए क्योंकि वो आम आदमी के करीब थे। राष्ट्रपति पद के बाद भी उन्होंने कोई VIP सुविधा नहीं ली – अपनी साधारण जिंदगी जारी रखी।
🏆 बड़ी उपलब्धियाँ और पुरस्कार
📖 कलाम जी की मशहूर किताबें
कलाम जी सिर्फ scientist नहीं थे – वो एक अच्छे लेखक भी थे। उनकी किताबें आज भी लाखों लोगों की ज़िंदगी बदल रही हैं।
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1Wings of Fire (अग्नि की उड़ान) – 1999उनकी आत्मकथा। बचपन से राष्ट्रपति बनने तक की पूरी कहानी। अब तक की सबसे ज़्यादा बिकने वाली Hindi autobiography।
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2India 2020 – 19982020 तक भारत को developed nation बनाने का roadmap। उनका सबसे बड़ा सपना इसी किताब में है।
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3Ignited Minds (प्रज्वलित मन) – 2002युवाओं को inspire करने के लिए। बच्चों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा।
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4The Luminous Sparks – 2004Poetry collection. कलाम जी एक अच्छे कवि भी थे।
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5Turning Points – 2012राष्ट्रपति काल के अनुभव और देश को बदलने के उनके प्रयास।
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6Transcendence – 2015उनकी अंतिम किताब। Spirituality और science का संगम।
💛 निजी ज़िंदगी – एकदम सादा इंसान
इतने बड़े वैज्ञानिक और राष्ट्रपति होने के बावजूद कलाम जी की ज़िंदगी बेहद सादा थी। वो कभी शादी नहीं किए। उनका कहना था कि उनका परिवार भारत के युवा हैं।
उन्हें वीणा बजाना बेहद पसंद था – यह दक्षिण भारत का एक शास्त्रीय वाद्य यंत्र है। वो शाकाहारी थे और रोज़ नमाज़ पढ़ते थे। साथ ही भगवद गीता और कुरान – दोनों को पढ़ते थे।
राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनके पास सिर्फ कुछ किताबें, वीणा, और साधारण कपड़े थे। जब वो राष्ट्रपति भवन छोड़कर गए, तो उनका सामान एक छोटे ट्रक में आ गया।
🗓️ 2026 में कलाम जी की विरासत
2015 में उनके निधन के बाद भी उनकी विरासत ज़िंदा है। 2026 में उनकी 95वीं जयंती पूरे देश में मनाई जाएगी।
2026 में ISRO जो missions कर रहा है – जैसे Gaganyaan (भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन) – वो सब कलाम जी के उस सपने का नतीजा है जो उन्होंने दशकों पहले देखा था।
🕊️ अंतिम सफर – मरते दम तक प्रेरणा
27 जुलाई 2015 – शिलांग, मेघालय। कलाम जी IIM Shillong में बच्चों को "Livable Planet Earth" पर भाषण दे रहे थे। बीच भाषण में उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें hospital ले जाया गया, लेकिन वो बच नहीं सके।
उनकी अंतिम यात्रा रामेश्वरम तक हुई, जहाँ उनका जन्म हुआ था। लाखों लोग रास्ते में खड़े होकर रोते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी समेत सभी नेता अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
उनकी मौत की खबर सुनकर पूरे देश में शोक था। 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया। वो एक ऐसे इंसान थे जिन्हें हर धर्म, हर जाति, हर राज्य के लोग अपना मानते थे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
APJ Abdul Kalam का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। "APJ" इसी नाम के पहले अक्षरों से बना है।
कलाम जी ने भारत के Integrated Guided Missile Development Programme (IGMDP) की अगुवाई की। उन्होंने अग्नि, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल और नाग मिसाइलें बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। इसीलिए उन्हें "मिसाइल मैन ऑफ इंडिया" कहा जाता है।
वो 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक, यानी 5 साल राष्ट्रपति रहे। वो किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं थे। उन्हें NDA और Congress दोनों का समर्थन मिला था।
Wings of Fire (1999) उनकी सबसे मशहूर किताब है, जो उनकी आत्मकथा है। हिंदी में यह "अग्नि की उड़ान" के नाम से मिलती है। यह किताब अब तक करोड़ों लोग पढ़ चुके हैं।
27 जुलाई 2015 को IIM Shillong में भाषण देते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा। 83 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। अंतिम समय तक वो बच्चों को प्रेरित कर रहे थे।
2026 में उनकी 95वीं जयंती मनाई जाएगी। उनके नाम पर देशभर में सैकड़ों स्कूल, पुरस्कार और संस्थान हैं। ISRO का Gaganyaan मिशन और Chandrayaan-3 की सफलता उनकी नींव पर खड़ी है। NASA ने एक asteroid का नाम भी उनके नाम पर रखा है।
नहीं, कलाम जी ने कभी शादी नहीं की। उनका कहना था कि भारत के बच्चे ही उनका परिवार हैं। वो जीवन भर अविवाहित रहे और अपना सारा जीवन देश और युवाओं को समर्पित किया।
कलाम जी ने Saint Joseph's College, Tiruchirappalli से Physics में Graduation किया और फिर Madras Institute of Technology (MIT) से Aerospace Engineering की पढ़ाई की। बाद में दुनिया की 40+ universities ने उन्हें Honorary Doctorate दी।


