आज का मौसम — 16 अप्रैल 2026
पूरे भारत का ताज़ा मौसम पूर्वानुमान | IMD अलर्ट | लू, बारिश और आंधी की जानकारी
🏙️ प्रमुख शहरों का आज का तापमान
📰 आज का मौसम — विस्तृत जानकारी
यार, अगर आप आज बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं तो पहले ये ज़रूर पढ़ लीजिए! 16 अप्रैल 2026 को भारत के ज़्यादातर हिस्सों में मौसम का मिज़ाज बेहद तल्ख़ है। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू का कहर है, तो दूसरी तरफ उत्तर-पूर्व में तूफानी बारिश और बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ों पर अलग ही कहानी है — वहाँ बर्फ और ओले पड़ रहे हैं। यानी एक ही दिन में भारत के अलग-अलग हिस्सों में तीन अलग-अलग चेहरे दिख रहे हैं मौसम के।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। तो चलिए, एक-एक क्षेत्र की बात करते हैं ताकि आप अपनी पूरी तैयारी कर सकें।
🗺️ क्षेत्रवार मौसम की पूरी जानकारी
🔥 उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का कहर
देखो यार, अप्रैल का महीना तो हर साल गर्म होता है, लेकिन इस बार मौसम ने जो करवट ली है वो सच में परेशान करने वाली है। राजस्थान, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में पारा 40°C से ऊपर जा रहा है। IMD के अनुसार विदर्भ के अकोला शहर में अधिकतम तापमान 43.8°C तक दर्ज हुआ है — जो इस मौसम का अब तक का सबसे ऊँचा तापमान है।
अगर आप राजस्थान या गुजरात में रहते हैं, तो आपको समझना होगा कि दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक बाहर न निकलना ही सबसे सही फैसला है। लू (Loo) एक गर्म और शुष्क हवा होती है जो उत्तर-पश्चिम से आती है और शरीर का पानी बहुत तेज़ी से सोख लेती है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
दिल्ली की बात करें तो अप्रैल की शुरुआत में बारिश के कारण मौसम सुहावना था, लेकिन अब तेज़ धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। आज 16 अप्रैल को दिल्ली का अधिकतम तापमान 40°C और न्यूनतम 21°C रहेगा।
☀️ गर्मी में खुद को बचाने के 8 ज़रूरी टिप्स
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें
- हर घंटे कम से कम एक गिलास पानी पिएँ — शरीर को हाइड्रेट रखें
- हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें
- घर से निकलते समय ओआरएस (ORS) पाउडर, नींबू पानी या लस्सी ज़रूर लें
- बच्चों और बुज़ुर्गों को धूप में बाहर न जाने दें
- कार में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें
- अगर चक्कर, उल्टी या तेज़ बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
- दिन में कूलर या पंखे में गीला कपड़ा लगाएँ — Rs. 10 की लागत में काफी राहत
🌧️ पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तर-पूर्व में बारिश
जहाँ मैदानी इलाकों में लोग पसीने से बेहाल हैं, वहीं पहाड़ों पर मौसम का एक अलग ही खेल चल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) — यह एक ऐसा मौसमी सिस्टम है जो भूमध्य सागर और कैस्पियन सागर के इलाके से आता है और भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी लाता है। 15 अप्रैल की रात से यह सिस्टम पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर सक्रिय हो गया है।
IMD ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कुछ पर्वतीय इलाकों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। अगर आप किसी हिल स्टेशन पर जाने का प्लान बना रहे हैं — मान लीजिए मनाली, शिमला या मसूरी — तो एक बार मौसम की ताज़ा अपडेट लेकर ही निकलें।
उत्तर-पूर्व भारत की बात करें तो वहाँ निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण मौसम बेहद अस्थिर है। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और मेघालय में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट है। इन राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है, इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
⚠️ IMD अलर्ट — 16 अप्रैल 2026 की पूरी सूची
| राज्य / क्षेत्र | अलर्ट का प्रकार | स्तर | विशेष जानकारी |
|---|---|---|---|
| राजस्थान, विदर्भ, तेलंगाना | भीषण लू (Severe Heatwave) | रेड | तापमान 44-45°C, दोपहर में बाहर न निकलें |
| अरुणाचल, सिक्किम, मेघालय | भारी बारिश + आंधी | रेड | 50-60 km/h हवा, बिजली गिरने का खतरा |
| हिमाचल प्रदेश, J&K | बारिश / बर्फबारी / ओलावृष्टि | ऑरेंज | पर्वतीय इलाकों में सफर से बचें |
| दिल्ली, हरियाणा, पंजाब | लू (Heatwave) | ऑरेंज | तापमान 40-42°C, गर्म हवाएँ |
| गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ | उमस भरी गर्मी + लू | ऑरेंज | तटीय क्षेत्र में उमस अधिक |
| बिहार, झारखंड | उमस + बिजली गिरने की संभावना | येलो | किसान खुले में न जाएँ |
| केरल, तटीय कर्नाटक | हल्की बारिश + उमस | येलो | साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर |
🌱 किसान भाइयों के लिए खास मौसम जानकारी
अगर आप खेतीबाड़ी करते हैं तो आज का दिन आपके लिए बेहद ज़रूरी जानकारी लेकर आया है। IMD ने किसान भाइयों को विशेष सलाह दी है। मैदानी इलाकों में इस भीषण गर्मी के चलते फसलों की सिंचाई का ध्यान रखें। गेहूँ की कटाई करने वाले किसानों को सलाह दी जाती है कि तेज धूप में काम करने से बचें और सुबह जल्दी या शाम को काम करें।
उत्तर-पूर्व और पहाड़ी इलाकों के किसानों को आकाशीय बिजली का खतरा है। बारिश के दौरान खुले मैदान और पेड़ के नीचे खड़े न हों। अपने कृषि उपकरणों को सुरक्षित जगह रखें। बिहार और झारखंड में भी यही सावधानी अपनाएँ। Kisan Call Centre का नंबर 1800-180-1551 है जहाँ आप मुफ्त में कृषि सलाह ले सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
16 अप्रैल 2026 के मौसम से जुड़े सबसे ज़रूरी सवालों के जवाब









